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Sunday, January 15, 2012

किसी पर भरोसा करें या...


दुनिया... दुनिया अच्छी है या बुरी
कुछ लोग कहते हैं दुनिया बदल गई है। क्यूं... कभी सोचा नहीं शायद।

मेरी समझ बहुत कम है आप कह सकते हैं थोड़ी बेवकूफ टाइप। लोग अपना मतलब निकाल लेते हैं और चल देते हैं... मुझे बाद में पता चलता है। पहले तो ये भी नहीं पता चलता था।
मैंने घर के बुजुर्गों से सुना है जो जैसा होता है उसके लायक जोड़ी भगवान बना देते हैं और ऐसा ही मेरे साथ हुआ है। शुक्र है भगवान का, मेरी जिंदगी में ऐसा इंसान ला दिया जो मुझे हर राह पर इशारे करता है तुम गलत इंसान पर भरोसा कर रही हो तुम्हें धोखा मिलेगा...। काश आप मेरी जिंदगी में और पहले आते... तो जो गलतियां पहले हुई शायद वो भी नहीं होती।
अभी हाल ही की बात है उन्होंने मुझे एलर्ट किया था पर मैं झगड़ पड़ी थी पर सच सामने आने में वक्त नहीं लगा। और हकीकत से रुबरु होते ही ऐसा घुटन तड़प कि पूछिए मत।
बात छोटी सी थी पर जो खुद को चालाक समझते हैं वो किसी के साथ भी चालाकी करने से बाज नहीं आते। चाहे आपने उनका कुछ न भी बिगाड़ा हो। है हंसने वाली बात पर दिल करता है किसी से दोस्ती करने से पहले टैग लगा दूं- छोटी छोटी बात के लिए तेजी न दिखाएं प्लीज।
इस घटना के बाद दिल सोचने को मजबूर हो गया कि इंसान किसी पर भरोसा करे या...

2 comments:

  1. सार्थक पोस्ट आभार

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  2. प्रभावशाली शैली ...
    शुभकामनायें आपकी लेखनी को !

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